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‘वर्षा ऋतु संगीत संध्या’ का वर्चुअल आयोजन 9 अगस्त से शहर में

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Preeti

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8/5/2020 7:57:59 PM

चंडीगढ़ 5 अगस्त । इंडियन नेशनल थियेटर द्वारा शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम ‘वर्षा ऋतु संगीत संध्या-2020’ का आयोजन 9 अगस्त व 10 अगस्त को वर्चुअल तौर से किया जायेगा। जिसका उदेद्श्य वर्षा के आगमन को हर्षोल्लास से मनाना है। दो दिवसीय, वर्षा संगीत कार्यक्रम के बारें में जानकारी देती हुईं इंडियन नेशनल थियेटर की सैक्रेटरी, विनीता गुप्ता ने बताया कि प्रति वर्ष वर्षा ऋतु शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन शहर में किया जाता था लेकिन इस वर्ष वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते इंडियन नेशनल थियेटर वर्चुअल संगीत श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत करेगा। जिसे संगीत प्रेमी श्रोता इंडियन नेशनल थियेटर की वेब साइट में https://www.indiannationaltheatre.com/livestreaming/?wpstream_product=sawan-august2020 इस लिंक से नि:शुल्क जुड़ कर संगीत का आनंद ले सकते हैं। कलाकारों की विभिन्न दिनों की तथा उनके बारें में जानकारी देते हुए विनीता गुप्ता ने बताया कि 9 अगस्त को शाम 6:30 बजे शास्त्रीय संगीत प्रसिद्ध गायिका सावनी शेंदे वर्चुअल प्रस्तुति श्रोतागणों के समक्ष देंगी। सावनी का जन्म एक संगीतमय परिवार में हुआ। उनकी दादी कुसुम शेंदे द्वारा केवल छह वर्ष की उम्र में ही उन्हें भारतीय शास्त्रीय संगीत से परिचित कराया गया। वह खुद किराना घराने की प्रसिद्ध गायिका हैं और संगीत नाटक ‘एरा’ की एक सम्मानित कलाकार हैं। शोभा गुर्टू की शिष्य होने के नाते उन्होंने सावनी को अर्ध-शास्त्रीय शैलियों जैसे ठुमरी, दादरा, कजरी, आदि में तैयार किया। उन्हें अपने पिता डॉ संजीव शेंदे से भी विद्या प्राप्त करने का सौभग्य हासिल है। उन्हें संगीत में ओर अधिक ज्ञान की खोज ने ग्वालियर घराने की प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका डॉ. वीना सहस्रबुद्धे के मार्गदर्शन में अधिक संगीत सीखने का सुअवसर प्राप्त हुआ। सावनी ने राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शन किया है तथा उन्हें अनेक सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। विनीता गुप्ता ने बताया कि 10 अगस्त को शाम 6:30 बजे प्रसिद्ध बांसुरीवादक रविंद्रर सिंह अपनी प्रस्तुति देंगे। रविन्द्र सिंह, किराना घराना की परंपरा में निपुण संगीतकार हैं और भारतीय संगीत के विभिन्न विद्यालयों में भी प्रशिक्षित हैं। 1978 के बाद से शास्त्रीय वाद्य संगीत (बांसुरी) में ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन के उच्च ‘ग्रेडिड’ कलाकार रहे हैं। उन्होंने 10 वर्ष की छोटी उम्र से बांसुरीवादन प्रस्तुत करना शुरू किया। आपकी तालीम पंजाब के प्रसिद्ध गायक जगदीश मित्तर से आरम्भ हुई। उन्होंने पूरे भारत में अनेक संगीत सम्मेलनों में प्रदर्शन किया गया, विशेष रूप से शिमला, चंडीगढ़, कोलकाता, बैंगलोर, भोपाल, आगरा और दिल्ली। नॉर्थ ज़ोन के सांस्कृतिक केंद्र, इंडियन नेशनल थिएटर, चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी, प्राचीन कला केंद्र, पंजाब संगीत नाटक अकादमी जैसे मंचों पर उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन किया है। हरियाणवी फीचर फिल्म जटनी के वे संगीत निर्देशक थे। उन्होंने भारत के शीर्षस्थ कलाकारों, कथक नृत्यांगना गोपी कृष्ण, सितारा देवी, शोभा कोसर, उमा शर्मा, जगजीत सिंह और रेशमा जैसे प्रसिद्ध कलाकारों के साथ प्रदर्शन किया है। उन्होंने अनेक संगीत एल्बमों में बांसुरी वादक का सहयोग दिया है।