• 12/4/2020
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स्वयं भगवान भी ऐसे मानव के लिए प्रतिबद्ध हो जाते हैं जिसने धेनु सेवा की हो: डॉ रमनीक कृष्ण महाराज

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Manoj Sharma

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11/22/2020 8:32:00 PM

चंडीगढ़, 22 नवंबर । जगत सद्भावना संस्थान के सानिध्य में कार्तिक मास के पावन अवसर पर शिव ठाकुर द्वारा मन्दिर मनीमाजरा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस में सद्भावना दूत भागवताचार्य डॉ. रमनीक कृष्ण महाराज ने आज गोपाष्टमी के अवसर पर गौ सेवा के महत्व पर प्रवचन करते हुए बताया कि भगवान श्री राम एवम् श्री कृष्ण का जन्म गौ सेवा के कारण ही हुआ । रघुकुल में महाराज रघु की जब भगवान ने सिंह बनकर परीक्षा ली तब रघु ने गौ रक्षा के लिए सिंह से प्रार्थना की हे सिंह । गौ के स्थान पर आप मुझे खा लो परंतु गौ को छोड़ दो। राजा के ऐसे भावो से भगवान प्रसन्न हुए और वरदान दिया तुम्हारे कुल में स्वयं नारायण भगवान का अवतरण होगा। इसी कारण से इस कुल में नारायण भगवान श्री राम बनकर अवतरित हुए। दूसरी ओर यदुवंश में नंद बाबा ने गौ सेवा को ही अपने जीवन का सर्व आधार माना जिसके परिणाम स्वरूप भगवान को नंद घर आना पड़ा। ये महिमा है गौ माता की सेवा करने की, स्वयं भगवान भी ऐसे मानव के लिए प्रतिबद्ध हो जाते हैं जिसने धेनु सेवा को ही अपना धर्म मान लिया हो। आज कथा में बड़े हर्ष के साथ समस्त भक्तजन ने गौ पूजन एवम् भगवान श्री कृष्ण जन्म महोत्सव मनाया । जिसमे अत्यधिक संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया । कथा का आयोजन 25 नवम्बर तक रहेगा। जिसका समय प्रतिदिन सांय 4 से 7 है।